कठिन डगर है लम्बा रस्ता दूर हमे अब जाना है
दूर है लेकिन फिर भी हमको मंजिल को तो पाना है
पथरीली है जमीन अभी तो दूर-दूर ना पानी है
मंजिल को पाकर ही हमको अपनी प्यास बुझानी है
मेहनत की इस धूप में हमको यूँ ही चलते जाना है
दूर है लेकिन फिर भी हमको मंजिल को तो पाना है
No comments:
Post a Comment